CYSTIC OVARY DEGENARATION: Homoeopathic Treatment

CYSTIC OVARY DEGENARATION:
CYSTIC OVARY DEGENARATION:
सिस्टिक ओवरी डिजेनेरेशन!

इस स्थिति में ग्राफियन फॉलिकल में डिजेनेरेशन होता है। ओवम की अंदर
व बाहरी परते नष्ट हो जाती है। फॉलिकल बड़ा होकर एलार्मल साइज का ही
जाता है और फटता भी नहीं है। ऐसा हीट में नहीं आने से या बार बार अधिक
हीट में आने से भी होता है। ओवरी पर एक से ज्यादा सिस्ट भी हो सकते हैं।

एपिस मेल (Apis Mellifica)
यह एब्लोर्मल साइज के सिस्ट के को
सोख कर छोटा कर देता है। इसे दिन में दो
बार एक सप्ताह तक दें।


म्युरेक्स परप्युरिया (Murex Purpurea)
यह हीट को नियमित करता है तथा बार बार अधिक अनियमित
(nymphomania) हीट को सामान्य करता है। इसे सप्ताह में एक बार तीन
सप्ताह तक दें।


कोलोसिन्थिस (Colocynthis)
जब आवेरी पर एक से ज्यादा सिस्ट हो तथा , पेट दर्द भी हो तो कोलासिन्थिस दिन में एक बार एक सप्ताह तक दें।

. नेट्रम म्युर (Natrum Muriaticum)
सिस्टिक ओवरी की स्थिति में जब गर्भाशय से हरा पीला डिस्चार्ज आता हो
तो नैट्रम म्यूर दिन में एक बार एक सप्ताह तक दें।


प्लेटिना (Platina)
आवरी के कई विकार दूर करने में प्लेटिना प्रभावशाली असर डालता है।
जब अनियमित हीट के साथ वजिनाइटिस हो तो प्लेटिना दिन में तीन बार
पाच दिन तक दें।


पैलेडियम (Palladium)
यदि सिर्फ दाहिनी आवरी ही रोगग्रस्त हो तो

फेलेडियम 8 दिन में दो बार एक सप्ताह तक दें।

This Medicine used before advise Homoeopathic physician.

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