गले और मुंह के छाले आपको बार बार होते हे तो अब जड़ छे करे ख़तम।

क्या होता है मुंह और गले के छाले ।

मुंह में छाले होने से हर व्यक्ति को बहुत परेशानी होती है। खाने के साथ-साथ व्यक्ति को पानी पीने में भी दर्द होता है। लेकिन क्या आपको पता है ये छाले जब मुंह के साथ-साथ गले में भी हो जाएं तो यह बहुत ही दर्दनाक हो जाते हैं। बड़े-बड़े लाल दानों या धब्बों का गले के साथ मुंह में होना सामान्य नहीं होता है। डाक्टर्स के मुताबिक ये किसी बड़ी बीमारी के संक्रमण का संकेत देता है। आइए जानते हैं कैसे होते हैं ये छाले और किस बीमारी की ओर करते हैं संकेत?

गले और मुंह के छाले पड़ने का कारण

जरूरी नहीं कि जिस कारण से किसी एक व्यक्ति को छाले हुए हों, दूसरे व्यक्ति को भी उसी कारण से हों। कई बार पेट की गर्मी से भी ऐसे छाले हो जाते हैं।


अत्यधिक मिर्च-मसालों का सेवन भी इसके लिए जिम्मेदार होता है, क्योंकि यदि पेट की क्रिया सही नहीं है, तो उसकी प्रतिक्रिया मुंह के छालों के रूप में प्रकट हो सकती है।


कई बार कोई चीज खाते समय दांतों के बीच जीभ या गाल का हिस्सा आ जाता है, जिसकी वजह से छाले उत्पन्न हो जाते हैं। ऐसे छाले आमतौर पर मुंह की लार से खुद ही ठीक हो जाते हैं।


एलोपैथिक दवाओं के दुष्प्रभाव से भी मुंह में छाले हो सकते हैं, विशेषकर लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करने से। अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करने से हमारी आंतों में अच्छे जीवाणुओं की संख्या घट जाती है। नतीजतन मुंह में छाले पैदा हो जाते हैं।


दांतों की गलत संरचना की वजह से मुंह में छाले होना आम बात है। यदि दांत आड़े-तिरछे, नुकीले या आधे टूटे हुए हैं और इसकी वजह से वे जीभ या मुंह में चुभते हैं या उनसे लगातार रगड़ लगती रहती है, वहां छाले उत्पन्न हो जाते हैं। यदि कोई तीखा दांत लंबे समय तक जीभ या गाल से घर्षण करता रहे या चुभता रहे, तो यह आगे चलकर कैंसर का कारण भी बन सकता है। यानी इसकी पूरी जांच और उपचार जरूरी हो जाता है।


सुपारी आदि खाने के बाद बिना कुल्ला किए रात को सो जाने से भी छाले हो जाते हैं। इसके अलावा तंबाकू, पान-मसाला और धूम्रपान भी मुंह के छालों का कारण बनते हैं।
मानसिक तनाव भी एक वजह है मुंह के छालों की। यह तनाव चाहे परीक्षा का हो या नौकरी में काम के दबाव का या अन्य किसी अन्य बात का।


यदि छाले कैंसर में बदल जाते हैं, तो शुरू-शुरू में उनमें कोई दर्द नहीं होता, लेकिन बाद में थूक के साथ खून आना भी शुरू हो सकता है। यहां तक कि खाना निगलने में भी परेशानी का अनुभव होने लगता है।

होमियोपैथिक दवाई छे आप बार बार होने वाले मुंह और गले के छाले को जड़ चे ख़तम कर सकते हे

1 calendula mother tincture Q

ये दवा होमियोपैथिक के अंदर एंटिसेप्टिक नाम छे जनी जाती है ।जब आपको बार बार मुंह के और गले के छाले होते तब ये Q का उपयोग आधा कप पानी के अंदर 30 बूंद ये दवइयां डाल कर आपको दिन में तीन बार कुल्ला करना चाहिए ये आपको लगातार 8 दिन तक कुल्ला करना हे ।

2 Azadirachta Indica Mother Tincture Q

पहेली वाली दवाई के साथ साथ में । Azadirachta Indica Mother Tincture Q दूसरी वाली दवाई मिक्स करके ये भी आपको 30 बूंद आधा कप पानी में डाल कर कुला करना हे।

3 Mercurius Solubilis 30 CH में यूज करना चाहिए ये दवाएं आपको 2 बूंद दिन में 3 बार उपयोग करना हे ऑर लगातार आपको 15 दिन तक लेनी हे।

4 Borax 30 CH में आपको लेनी हे। ये दवाएं आपको दिन में 2 बार लेनी हे ऑर 2 बूंद लेनी हे।

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