अगर जीभ में महसूस कर रहे ये लक्षण तो आपमें है विटामिन डी की कमी.

कोरोना काल में विटामिन डी की कमी घातक साबित हो सकती है। अगर आपमें विटामिन डी की कमी है तो शरीर संकेत देने लगता है। बस उस संकेत को समझने की जरूरत है। जानिए कैसे जाने कि शरीर में इस विटामिन की कमी है या नहीं…

विटामिन डी हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होता है। यह वसा में घुलनशील पोषक तत्व है जो सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने पर शरीर द्वारा निर्मित होता है। सूर्य की किरणें इस पोषक तत्व की पर्याप्त मात्रा में प्राप्त करने का प्राथमिक स्रोत है क्योंकि यह भोजन में सीमित मात्रा में ही मौजूद होता है

हमारी हड्डियों, दांतो और मांस पेशियों को स्वस्थ रखने में विटामिन डी की कई महत्वर्पूण भूमिका होती है। इस पोषक तत्व की कमी हमारे शारीरिक के साथ-साथ हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी खराब हो सकती है। फिर भी दुनिया भर मे बड़ी संख्या में लोगों मे इस विटामिन की कमी है। आमतौर पर विटामिन डी की कमी का निदान ब्लड टेस्ट के माध्यम से किया जाता है।

इन पांच लक्षण से जानिए विटामिन डी कमी, जिन लोगों मे मुंह में जलन के लक्षण होते हैं, उन्हें फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज, विटामिन डी, विटामिन बी सिक्स, विटामिन बी वन और टीएसएच की जांच करवानी चाहिए।

विटामिन डी हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होता है। यह वसा में घुलनशील पोषक तत्व है जो सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने पर शरीर द्वारा निर्मित होता है। सूर्य की किरणें इस पोषक तत्व की पर्याप्त मात्रा में प्राप्त करने का प्राथमिक स्रोत है क्योंकि यह भोजन में सीमित मात्रा में ही मौजूद होता है।

हमारी हड्डियों, दांतो और मांस पेशियों को स्वस्थ रखने में विटामिन डी की कई महत्वर्पूण भूमिका होती है। इस पोषक तत्व की कमी हमारे शारीरिक के साथ-साथ हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी खराब हो सकती है। फिर भी दुनिया भर मे बड़ी संख्या में लोगों मे इस विटामिन की कमी है। आमतौर पर विटामिन डी की कमी का निदान ब्लड टेस्ट के माध्यम से किया जाता है।

इन पांच लक्षण से जानिए विटामिन डी कमी

जिन लोगों मे मुंह में जलन के लक्षण होते हैं, उन्हें फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज, विटामिन डी, विटामिन बी सिक्स, विटामिन बी वन और टीएसएच की जांच करवानी चाहिए।

मुंह आना भी विटामन डी की कमी के संकेत

यह बर्निंग पेन या हॉट सेंसेशन आमतौर पर होंठ या जीभ पर महसूस होती है, या मुंह में अधिक व्यापक होती है। इसके साथ ही व्यक्ति को मुंह सुननता, सूखापन और अप्रिया स्वाद का अनुभव हो सकता है। कुछ खाते समय दर्द बढ़ सकता है। अनु सिन्हा का सुझाव है कि अगर समस्या का मूल कारण ठीक ढंग से नहीं सुलझाया जाता है तो स्थिति बिगड़ सकती है। स्थिति की गंभीरता एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति से अलग हो सकती है।

विटामिन डी के लिए क्या करना चाहिए

इस पोषक तत्व पर नजर रखने की जरुरत कोरोना महामारी के दौरान बढ़ गई है। जब यह स्थापित हो गया कि विटामिन डी का लो लेवल इंफ्लेमेटरी साइटोकिंस, निमोनिया और वायरल ऊपरी श्वसन पथ के संक्रमण के विकास के जोखिम को बढ़ा सकता है, इसलिए हमें इस लक्षण को हल्के से नहीं लेना.

हालांकि बर्निंग माउथ सिंड्रोम अन्य पोषक तत्वों की कमी के साथ भी जुड़ा हुआ है। हमें सटीक कारण की पुष्टि करेन के लिए अपने डॉक्टर से मिलने की जरुरत हो सकती है। विटामिन डी की कमी के अन्य सामान्य लक्षणों में थकान हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में एंठन और मूड में बदलाव शामिल है।

विटामिन डी के लिए क्या है आवश्यक.

रोजाना कुछ समय धूप में बिताने से हमारे शरीर पर्याप्त मात्रा में विटामि डी बना सकता है। सूर्य के प्रकाश की तीब्रता के कारण समय की मात्रा हर मौसम मे अलग-अलग होती है।

माना जाता है कि वसंत और गर्मियों में दस से बीस मिनटधूप में व्यतीत करना है। लेकिन सर्दियों मेंएक व्यक्ति को विटामिन डी की अनुशंसित मात्रा प्राप्त करने के लिए कम से कम दो घंटे खर्च करने की जरूरत हो सकती है। विटामिन डी के अन्य स्रोत ये है : ओकरा, सोयाबीन, सफेद सेम, पालक, गोभी , सार्डिन और साल्मन जैसी मछली।

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